SANJAY TANHA
Thursday, 3 August 2023
shayri
ज़ख्म ताज़ा तरीन कर लूँ क्या ?
फ़िर किसी पर यक़ीन कर लूँ क्या ?
आदमी हूँ थकन भी होती है
जिस्म अपना मशीन कर लूँ क्या ?
-संजय तनहा
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)